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विदेशी मुद्रा जमाओं से निजी बैंकों के मुनाफे के मार्जिन में गिरावट

एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक की दूसरी तिमाही के नतीजों में शुद्ध ब्याज मार्जिन में क्रमिक गिरावट देखी गई है। विदेशी मुद्रा जमा खातों के दबाव के बाद भी बैंक आगामी समय में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।

LSN India · 18 October 2026

विदेशी मुद्रा जमाओं से निजी बैंकों के मुनाफे के मार्जिन में गिरावट

भारत के प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंकों के वित्तीय नतीजों में शुद्ध ब्याज मार्जिन में लगातार गिरावट देखी जा रही है। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक ने अपनी दूसरी तिमाही के परिणामों में यह गिरावट दर्ज की है, जिसका मुख्य कारण विदेशी मुद्रा गैर-आवासीय खातों में जमा राशि में वृद्धि है। ये जमा खाते बैंकों के लिए कम लाभदायक माने जाते हैं क्योंकि इन पर ब्याज दरें अपेक्षाकृत कम होती हैं।

तीनों बैंकों के प्रबंधन ने कहा है कि मार्जिन में यह संकुचन अस्थायी है। उनका मानना है कि जैसे ही इन विदेशी मुद्रा जमाओं को विभिन्न परियोजनाओं और व्यावसायिक कार्यों में लगाया जाएगा, मुनाफे के मार्जिन में सुधार होना चाहिए। बैंकिंग विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी मुद्रा प्रवाह भारतीय अर्थव्यवस्था में आने वाली पूंजी का संकेत देता है, लेकिन अल्पकालिक रूप से इससे बैंकों की लाभप्रदता पर दबाव बढ़ता है।

यह स्थिति भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के लिए एक सामान्य चुनौती बन गई है, जहां आरबीआई की नीतिगत दरें और वैश्विक ब्याज दर परिवेश दोनों बैंकों की मुनाफे की क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं। उच्च मुद्रास्फीति और तरलता की स्थिति के कारण बैंकों को अपने जमा संग्रह में विविधता लानी पड़ रही है, जिससे ब्याज मार्जिन पर संकुचन की स्थिति बनी है।