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वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में FDI 15 साल के शिखर पर

भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सकल आधार पर 15 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा है, जबकि शुद्ध FDI पांच वर्ष के शीर्ष स्तर को छू गया है। विदेशी निवेशकों द्वारा रुपये की वापसी और भारतीय कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय निवेश ने इस अवधि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

LSN India · 5 October 2026

वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में FDI 15 साल के शिखर पर

वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत को मिला प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) पिछले डेढ़ दशक में सर्वोच्च रहा है। इसी अवधि में शुद्ध FDI भी पांच साल के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा है, जो भारत के निवेश आकर्षण में लगातार मजबूती का संकेत देता है।

आंकड़ों से पता चलता है कि सकल FDI में विदेशी निवेशकों द्वारा रुपये की वापसी का हिस्सा 44 प्रतिशत रहा। इसके अलावा, भारतीय कंपनियों द्वारा विदेशों में किए गए निवेश के कारण विदेशी मुद्रा के बराबर राशि देश से बाहर चली गई, जो सकल FDI का 31 प्रतिशत थी।

यह आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था में वैश्विक निवेश के प्रति बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाते हैं। साथ ही, भारतीय कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय सम्पत्ति में निवेश की प्रवृत्ति देश की वैश्विक आर्थिक भूमिका को मजबूत कर रही है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रवृत्ति आने वाले समय में भी जारी रहने की संभावना है, क्योंकि भारत की आर्थिक वृद्धि, जनसंख्या और उपभोक्ता बाजार विदेशी निवेशकों को आकर्षित करना जारी रखते हैं।