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विदेशी निवेशकों की बिकवाली से भारतीय शेयर बाजार में गिरावट
जनवरी से अक्टूबर तक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार से लगभग 5.39 लाख करोड़ रुपये की निकासी की है। इस बड़ी बिकवाली के बीच बाजार विश्लेषकों का ध्यान अब विदेशी पूंजी के प्रवाह पर केंद्रित है।
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भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बड़े पैमाने पर निकासी एक प्रमुख कारण उभरी है। इस वर्ष की शुरुआत से लेकर अक्टूबर तक के आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशी निवेशकों ने भारत से विशाल रकम निकाल ली है।
जनवरी में एफआईआई की बिकवाली 41,000 करोड़ रुपये थी। हालांकि, मार्च में यह आंकड़ा उछलकर 1.22 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो अब तक का सर्वोच्च मासिक स्तर था। इसके बाद अप्रैल में 70,000 करोड़, मई में 55,000 करोड़ से अधिक, जून में लगभग 50,000 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज की गई।
अक्टूबर माह में भी विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रही, जब उन्होंने 51,000 करोड़ रुपये की निकासी की। इस अवधि में विदेशी निवेशकों की कुल बिकवाली 5 लाख 39 हजार करोड़ रुपये को पार कर गई है, जो भारतीय बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जा रहा है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी पूंजी की इस व्यापक निकासी से शेयर सूचकांकों पर दबाव बना हुआ है। भारतीय अर्थव्यवस्था और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच संतुलन बनाए रखना बाजार के लिए एक प्रमुख चुनौती बन गया है।