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तीसरे साल भी आईपीओ में विश्वास दिखा रहे विदेशी निवेशक, ट्रेंड जारी रहेगा?
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने शेयर बाजार में बिकवाली जारी रखते हुए भी नई पूंजी जुटाने वाली कंपनियों में भारी निवेश किया है। 2026 में अब तक प्राथमिक बाजार में विदेशी निवेशकों का प्रवाह 55,524 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
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विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) लगातार तीसरे साल आईपीओ और नई पूंजी जुटाने वाली स्कीमों में अपना विश्वास बनाए रखे हुए हैं, भले ही वे सेकेंडरी मार्केट में तेजी से बिकवाली कर रहे हों। इस साल अब तक विदेशी निवेशकों ने प्राथमिक बाजार में 55,524 करोड़ रुपये की पूंजी डाली है, जबकि दूसरी ओर उन्होंने मौजूदा शेयरों की बिकवाली से रिकॉर्ड 3.15 लाख करोड़ रुपये निकाले हैं।
यह रणनीति एक जटिल चित्र प्रस्तुत करती है जहां विदेशी पूंजी भारतीय कंपनियों के विकास में सहायता तो कर रही है, लेकिन समग्र शेयर बाजार में मिली-जुली भावनाएं बनी हुई हैं। आईपीओ बाजार में विदेशी निवेशकों की सक्रिय भागीदारी नई परियोजनाओं और कंपनियों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह प्रवृत्ति कितनी समय तक जारी रहेगी, यह वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और भारतीय बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। विदेशी निवेशकों के मिली-जुली रुख से बाजार के लिए अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।