Politics · India Bureau
विदेशी पति-पत्नी को भारत में वीजा का कोई अधिकार नहीं: केरल हाईकोर्ट
केरल उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि विदेशी नागरिक को भारतीय नागरिक से विवाहित होने के बावजूद देश में प्रवेश के लिए वीजा जारी करवाने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है।
LSN India ·

केरल उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिक का विदेशी जीवनसाथी भारत में वीजा प्राप्त करने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं रखता है। न्यायालय के इस निर्णय के अनुसार, विदेशी पति या पत्नी को भारत सरकार से वीजा जारी करने की मांग करने का कोई निहित अधिकार नहीं है।
यह निर्णय भारत की वीजा नीति और आव्रजन कानून की बुनियादी सिद्धांतों पर आधारित है। न्यायालय के अनुसार, वीजा जारी करना पूर्णतः सरकारी अधिकार क्षेत्र में आता है और यह व्यक्तिगत रिश्तों या पारिवारिक बंधनों के आधार पर अनिवार्य नहीं हो सकता। विदेशी नागरिकों को भारत में प्रवेश के लिए उचित दस्तावेज और सरकारी अनुमोदन की आवश्यकता होती है।
यह मामला भारतीय विवाह कानून और अंतर्राष्ट्रीय आव्रजन नियमों के बीच के अंतर को दर्शाता है। हालांकि भारत में अंतर्राष्ट्रीय विवाह काफी आम हैं, किंतु विदेशी पति या पत्नी को भारत में रहने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज और विदेश मंत्रालय की स्वीकृति लेनी होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय भारत की सीमा नियंत्रण और राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को प्रतिबिंबित करता है। किसी भी विदेशी नागरिक को भारत में रहने के लिए उपयुक्त वीजा श्रेणी के तहत आवेदन करना होगा, चाहे वह किसी भारतीय नागरिक का परिवार सदस्य ही क्यों न हो।