LSN News › India

World · India Bureau

सेना छोड़कर आध्यात्मिक पथ पर प्रेमानंद के शिष्य नवल नागरी

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के सबसे निकटस्थ शिष्य नवल नागरी बाबा ने भारतीय सेना में नौ वर्ष की सेवा के बाद धार्मिक जीवन को समर्पित किया है। पूर्व सैन्य अधिकारी अब अपने गुरु के साथ आश्रम में निरंतर साथ रहते हैं।

LSN India · 3 October 2026

सेना छोड़कर आध्यात्मिक पथ पर प्रेमानंद के शिष्य नवल नागरी

वृंदावन के आध्यात्मिक परिवेश में प्रेमानंद महाराज के शिष्यों का एक विस्तृत नेटवर्क है। इनमें से कई भक्त विभिन्न आश्रमों में अपना जीवन व्यतीत करते हैं, लेकिन उनके सबसे प्रमुख शिष्य के रूप में नवल नागरी बाबा का स्थान विशेष है।

नवल नागरी बाबा का पूर्व जीवन सेना से जुड़ा रहा। उन्होंने भारतीय सेना में एक अधिकारी के रूप में 2008 से 2017 तक नौ वर्षों तक सेवा प्रदान की। सैन्य कैरियर के दौरान उनके जीवन की दिशा बदली और उन्होंने आध्यात्मिकता की ओर रुख किया।

सेना से अवकाश लेने के बाद नवल नागरी बाबा प्रेमानंद महाराज के शिष्य बन गए। वर्तमान में वह अपने गुरु के साथ वृंदावन में रहते हैं और उनके सेवा कार्यों में सहायक भूमिका निभाते हैं। उनकी निरंतर उपस्थिति एवं समर्पण उन्हें प्रेमानंद महाराज का सबसे विश्वस्त शिष्य बनाता है।

सैन्य अनुशासन से आध्यात्मिक साधना तक की यह यात्रा नवल नागरी बाबा के जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू बन गई है। उनकी यह परिवर्तन धार्मिक पथ के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।