Politics · India Bureau
चुनाव आयोग को फैसलों का विवरण और बहुमत की जानकारी देनी चाहिए: पूर्व आयुक्त
भारतीय चुनाव आयोग पर पारदर्शिता बढ़ाने का दबाव बढ़ा है। पूर्व चुनाव आयुक्तों ने आयोग से अपने निर्णयों का विस्तृत विवरण जारी करने की मांग की है।
LSN India ·

भारतीय चुनाव आयोग के संबंध में पारदर्शिता का मुद्दा गरमा गया है। पूर्व चुनाव आयुक्तों ने कहा है कि आयोग को अपने द्वारा लिए गए निर्णयों के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए, खासकर इस बात का कि क्या उन फैसलों के पीछे आयोग का बहुमत था।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दस महीनों में चुनाव आयोग के दोनों आयुक्तों ने 14 आपत्तियां दर्ज की हैं। ये आपत्तियां विभिन्न प्रशासनिक और नीतिगत मामलों से संबंधित थीं। इस स्थिति ने आयोग के भीतर मतभेद की ओर संकेत दिया है।
पूर्व चुनाव आयुक्तों का मानना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए आयोग को अपने निर्णय प्रक्रिया में अधिक खुलापन लाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि जब आयोग के सदस्यों के बीच असहमति होती है, तो इसकी जानकारी सार्वजनिक किए जाने से संस्था की विश्वसनीयता बढ़ती है।
यह मुद्दा राष्ट्रीय चुनाव संचालन को लेकर चिंताओं के बीच सामने आया है। विशेषज्ञों का मत है कि आयोग के काम करने के तरीके में पारदर्शिता जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक है।