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मेटा पर भेदभाव का मुकदमा, आप्रवासन सहायता में अनुचित व्यवहार का आरोप
एक पूर्व प्रबंधक ने मेटा के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जिसमें कंपनी पर कुछ कर्मचारियों को उनके राष्ट्रीय मूल के आधार पर आप्रवासन लाभ देने का आरोप है। वादी ने दावा किया है कि यह भेदभावपूर्ण नीति उसके खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई का कारण बनी।
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एक पूर्व प्रबंधक ने सोशल मीडिया दिग्गज मेटा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। मुकदमे में कहा गया है कि कंपनी ने आप्रवासन संबंधी सहायता प्रदान करते समय राष्ट्रीय मूल के आधार पर पक्षपात किया है।
वादी के अनुसार, मेटा ने चुनिंदा कर्मचारियों को प्राथमिकता दी गई आप्रवासन सहायता प्रदान की। यह कथित भेदभाव कर्मचारियों के बीच असमान व्यवहार की एक व्यवस्थित पैटर्न को दर्शाता है। वादी का तर्क है कि इस नीति का पालन न करने के बाद उन्हें नकारात्मक कार्रवाइयों का सामना करना पड़ा।
इस मामले में कंपनी की आंतरिक नीतियों और आप्रवासन सहायता कार्यक्रमों की पारदर्शिता और न्यायसंगतता पर सवाल उठता है। मुकदमा अमेरिकी कार्यस्थल भेदभाव कानूनों के तहत दायर किया गया है।
मेटा ने अभी तक इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह मामला बहुराष्ट्रीय तकनीकी कंपनियों में कार्यस्थल न्याय और समान अवसर से संबंधित मुद्दों को रेखांकित करता है।