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राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश का सुप्रीम कोर्ट जज पर प्रहार
राजस्थान हाईकोर्ट के पूर्व कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश पर हाईकोर्ट के मामलों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। न्यायाधीश ने कहा है कि किसी को भी न्यायपालिका के आंतरिक कामकाज में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है।
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राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश द्वारा हाईकोर्ट के मामलों में हस्तक्षेप किए जाने को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि किसी भी बाहरी व्यक्ति या संस्था को न्यायालय के आंतरिक कामकाज में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।
न्यायाधीश ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और संवैधानिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए ऐसी कार्रवाइयों के खिलाफ सख्त रुख अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशें न्यायिक प्रणाली की गरिमा को नुकसान पहुंचाती हैं।
इससे पहले न्यायाधीश शर्मा ने उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को "निराधार" बताते हुए खारिज कर दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये आरोप "व्यक्तिगत दुर्भावना" के कारण लगाए गए हैं।
यह विवाद न्यायपालिका के भीतर आंतरिक तनाव को दर्शाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि न्यायिक संस्थाओं के बीच ऐसे विवाद भारतीय न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकते हैं।