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तीस साल में आर्द्रभूमि में बदला 150 एकड़ जमीन, शिक्षक बनाए 'जैव बाजार'
एक सेवानिवृत्त जीव विज्ञान शिक्षक ने तीस वर्षों में अपनी विशाल जमीन को प्राकृतिक आर्द्रभूमि में रूपांतरित किया है। यह पहल राज्य में आर्द्रभूमि के विनाश को रोकने और वन्यजीवों के लिए आश्रय स्थान सृजित करने का प्रयास है।
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एक पूर्व शिक्षक अपनी व्यक्तिगत संपत्ति पर आर्द्रभूमि संरक्षण का अनूठा कार्य कर रहे हैं। इस शिक्षक ने 150 एकड़ जमीन को तीस साल की कड़ी मेहनत से अपनी प्राकृतिक स्थिति में वापस लाया है। जीव विज्ञान की पृष्ठभूमि वाले इस व्यक्ति के प्रयास से स्थानीय वन्यजीवों के लिए आवश्यक आश्रय स्थान और भोजन के स्रोत सृजित हुए हैं।
आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये जलीय पौधों और जानवरों की विविध प्रजातियों को आश्रय देते हैं तथा जल शुद्धिकरण और बाढ़ नियंत्रण जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करते हैं। इस शिक्षक का प्रयास जो 'जैव बाजार' या वन्यजीव आश्रय स्थल बनाता है, स्थानीय पारिस्थितिकी को पुनः जीवंत करने का एक सार्थक उदाहरण है।
इस संरक्षण परियोजना को अमेरिकी मछली और वन्यजीव सेवा विभाग का समर्थन प्राप्त है। राज्य स्तर पर आर्द्रभूमि के विनाश की गंभीर समस्या का समाधान करने के लिए ऐसे व्यक्तिगत प्रयास अत्यंत आवश्यक माने जा रहे हैं। इस शिक्षक का कार्य दर्शाता है कि कैसे निजी संपत्ति को सामूहिक पारिस्थितिकीय हित के लिए संरक्षित किया जा सकता है।