World · India Bureau
मैदा छोड़िए, मंडुआ लीजिए: पूर्व मुख्यमंत्री मोमो में बदलाव की वकालत
उत्तराखंड के एक पूर्व मुख्यमंत्री ने परंपरागत अनाज मंडुआ से बने मोमो को प्रचारित करने की पहल की है। यह कदम स्वास्थ्यकर खान-पान और स्थानीय कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया है।
LSN India ·

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य की परंपरागत खान-पान संस्कृति को आधुनिक स्वास्थ्य सचेतनता से जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने मंडुआ अनाज से बने मोमो को मैदा से बने मोमो का विकल्प बताया है, जिससे स्वास्थ्य के साथ-साथ पारंपरिक खेती को भी बल मिल सके।
मंडुआ, जिसे रागी या फिंगर मिलेट भी कहा जाता है, पोषक तत्वों से भरपूर होता है और भारत में सदियों से उगाया जाता रहा है। यह अनाज कैल्शियम, आयरन और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसका उपयोग पारंपरिक रूप से कई प्रकार के खाद्य पदार्थों में किया जाता है।
पूर्व मुख्यमंत्री का यह सुझाव स्थानीय किसानों के लिए आय का नया विकल्प प्रदान करने के उद्देश्य से आया है। उत्तराखंड में मोमो एक लोकप्रिय व्यंजन है, और इसे पोषक अनाजों से तैयार करना क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकता है।
यह पहल स्वास्थ्य और पोषण के प्रति बढ़ती जागरूकता तथा पारंपरिक खेती को संरक्षित रखने के प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि मिलेट जैसे अनाजों का उपयोग बढ़ाने से न केवल खान-पान की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि जलवायु-सहिष्णु फसलों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।