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छत्तीसगढ़ डिटेंशन सेंटर में बंद चार बंगाली, कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका
एसआईआर में डिलीट किए गए चार बंगाल के नागरिकों को छत्तीसगढ़ में एक महीने से अधिक समय से हिरासत में रखा जा रहा है। परिवार के सदस्यों ने कलकत्ता हाईकोर्ट में उनकी रिहाई की मांग करते हुए याचिका दायर की है।
LSN India ·

छत्तीसगढ़ के एक डिटेंशन सेंटर में बंद चार बंगाल के पुरुषों को लेकर कानूनी विवाद सामने आया है। पुलिस की एसआईआर (स्टेशन इंसिडेंट रिपोर्ट) से डिलीट किए जाने के बाद भी ये चारों व्यक्ति एक महीने से अधिक समय से हिरासत में रहे हुए हैं। इसको लेकर उनके परिवार के सदस्यों ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
परिवार ने अदालत से प्रार्थना की है कि छत्तीसगढ़ राज्य को इन चारों व्यक्तियों को रिहा करने का निर्देश दिया जाए। हाईकोर्ट के समक्ष यह प्रश्न उठा कि यदि प्राधिकारी यह कहते हैं कि कुछ व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं हैं, तो अपीलीय प्राधिकरण यानी ट्रिब्यूनल क्या कदम उठाएगा।
अदालत ने छत्तीसगढ़ सरकार से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। मामले में कानूनी पचड़ा यह है कि व्यक्तियों की पहचान और नागरिकता संबंधी दस्तावेजों को लेकर विवाद बना हुआ है। कोर्ट की ओर से दिए गए इस सवाल से कानूनी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का इशारा मिलता है।
ये मामला नागरिकता और हिरासत संबंधी अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को रेखांकित करता है। कलकत्ता हाईकोर्ट के समक्ष यह सवाल उठा है कि प्रशासनिक प्रक्रिया में किस तरह की जवाबदेही तय की जाए। अदालत के अगले आदेश के लिए छत्तीसगढ़ प्रशासन से जवाब की प्रतीक्षा जारी है।