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चेतन भगत के अनुसार प्रतिदिन 4 घंटे केंद्रित काम काफी हो सकता है

प्रसिद्ध लेखक चेतन भगत ने कहा है कि कार्यस्थल की गतिविधियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास के अनुरूप ढालने की आवश्यकता है। उनका मानना है कि गुणवत्तापूर्ण कार्य की अवधि अब पहले जितनी लंबी नहीं होनी चाहिए।

LSN India · 5 October 2026

भारतीय लेखक एवं स्तंभकार चेतन भगत ने कहा है कि आधुनिक कार्य संस्कृति में प्रतिदिन चार घंटे का केंद्रित और गहन काम एक व्यक्ति के लिए पर्याप्त हो सकता है। यह टिप्पणी कार्यस्थल की बदलती गतिविधियों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तीव्र विकास को लेकर चल रही बहस के मध्य आई है।

भगत का यह विचार पारंपरिक कार्य संरचना को चुनौती देता है जहां कर्मचारियों से पूरे दिन कार्यालय में उपस्थित रहने की अपेक्षा की जाती है। उनका तर्क यह है कि प्रौद्योगिकी और स्वचालन के युग में उत्पादकता के लिए समय की लंबाई की तुलना में कार्य की गुणवत्ता अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से विस्तार के कारण वैश्विक स्तर पर कार्य के भविष्य को लेकर गहन चर्चा चल रही है। कई संगठन और विचारकों का मानना है कि एआई के बढ़ते उपयोग से कार्य संस्कृति में मूलभूत परिवर्तन अपरिहार्य हो गया है।

भगत जैसे विचारकों का सुझाव है कि कर्मचारियों को अधिक लचीली कार्य व्यवस्था, दूरस्थ कार्य के विकल्प और व्यक्तिगत विकास के लिए अधिक समय मिलना चाहिए। यह दृष्टिकोण कल्याणकारी कार्य वातावरण और बेहतर कर्मचारी संतुष्टि को बढ़ावा दे सकता है।