LSN News › India

World · India Bureau

करवा चौथ से अहोई तक: महिलाओं के प्रमुख व्रतों का मौसम शुरू

आने वाले सप्ताहों में दिवाली सीजन के दौरान सुहागन महिलाओं के लिए चार महत्वपूर्ण व्रत निर्धारित हैं। विवाहित महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि के लिए इन पारंपरिक व्रतों का पालन करती हैं।

LSN India · 23 September 2026

करवा चौथ से अहोई तक: महिलाओं के प्रमुख व्रतों का मौसम शुरू

दशहरा, दिवाली, धनतेरस और भाई दूज जैसे प्रमुख पर्वों के साथ ही भारतीय महिलाओं के कैलेंडर में कई महत्वपूर्ण व्रत भी आने वाले हैं। इस त्योहार के मौसम में विवाहित महिलाएं अपने परिवार के कल्याण और पति की लंबी उम्र के लिए विशेष व्रत रखती हैं।

हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुसार, करवा चौथ से लेकर अहोई अष्टमी तक चार प्रमुख महिला-केंद्रित व्रत आते हैं। ये व्रत न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि परिवार के बंधन को मजबूत करने का प्रतीक भी माने जाते हैं। प्रत्येक व्रत की अपनी विशेष कथा, परंपरा और पूजन विधि होती है।

शादीशुदा महिलाएं पूरे वर्ष इन व्रतों की प्रतीक्षा करती हैं और त्योहार के मौसम में इन्हें बड़ी श्रद्धा से मनाती हैं। परिवार के सभी सदस्य इन व्रतों के आयोजन में सहायता करते हैं और इसे एक सामूहिक परिवारिक अनुष्ठान के रूप में मनाते हैं।

भारतीय संस्कृति में ये व्रत महिलाओं की भक्ति, समर्पण और पारिवारिक मूल्यों की रक्षा के प्रतीक के रूप में देखे जाते हैं। आने वाले सप्ताहों में महिलाएं इन परंपरागत अनुष्ठानों को पूरे विधि-विधान से संपन्न करने की तैयारी कर रही हैं।