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पितृपक्ष में चार ग्रहों की वक्री स्थिति, सिंह समेत चार राशियों को प्रभावित करेगी
26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाले पितृपक्ष की अवधि में एक दुर्लभ ग्रहीय संयोग देखने को मिलेगा। 3 अक्टूबर को शुक्र की वक्री गति शनि, राहु और केतु के साथ मिलकर कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण समय ला सकती है।
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26 सितंबर से शुरू होने वाला पितृपक्ष 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस 15 दिवसीय अवधि में आकाशीय गणना के अनुसार एक महत्वपूर्ण ग्रहीय परिस्थिति बनने वाली है जिसमें एक साथ चार ग्रह वक्री चाल में रहेंगे।
शनि, राहु और केतु पहले से ही वक्री स्थिति में हैं। इसी क्रम में 3 अक्टूबर को शुक्र भी अपनी वक्री गति आरंभ करेंगे। शुक्र को ज्योतिषशास्त्र में सुखों का प्रदाता माना जाता है, और इसकी वक्री स्थिति को आमतौर पर चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार, इस चार ग्रहों की वक्री स्थिति का प्रभाव विशेषकर सिंह राशि समेत चार राशियों पर अधिक प्रभावी हो सकता है। इन राशियों के जातकों को इस अवधि में व्यक्तिगत, व्यावसायिक और आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।
ऐसी ग्रहीय स्थितियों में पारंपरिक रूप से शुभ कार्यों में देरी करने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने में विचारशीलता दिखाने की सिफारिश की जाती है। पितृपक्ष की समाप्ति के बाद ग्रहीय प्रभाव में परिवर्तन आने की संभावना है।