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ब्रिज भूषण के बरी होने के आदेश को चुनौती देंगी महिला पहलवान
चार महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न के मामले में ब्रिज भूषण के बरी होने के आदेश को चुनौती देने का फैसला किया है। उनका तर्क है कि यह आदेश कानूनी रूप से गलत और टिकाऊ नहीं है।
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भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष ब्रिज भूषण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों में चार महिला पहलवानें अब अदालती कार्रवाई का सहारा ले रही हैं। इन महिलाओं ने यह तर्क दिया है कि जिस अदालत के आदेश में ब्रिज भूषण को बरी किया गया, वह निर्णय कानूनी दृष्टिकोण से त्रुटिपूर्ण और अस्थिर है।
यह कदम उस समय उठाया जा रहा है जब देश में महिला सुरक्षा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न के मामलों को लेकर गंभीर चर्चा चल रही है। महिला पहलवानों का यह कानूनी चुनौती विभिन्न खेल संगठनों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग का हिस्सा है।
इस मामले में महिलाओं की याचिका अदालत में प्रस्तुत की जा रही है, जिसमें वे विस्तार से बताएंगी कि पूर्व निर्णय में कौन से कानूनी त्रुटियां मौजूद हैं। भारतीय कुश्ती में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर यह एक महत्वपूर्ण मामला बना हुआ है।
क्रीड़ा जगत में इस प्रकार की घटनाओं के बाद महासंघों और संबंधित निकायों में सुधार की मांग तेज हो गई है। महिला पहलवानों का यह कदम न केवल व्यक्तिगत न्याय के लिए, बल्कि पूरे खेल पारिस्थितिकी तंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।