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फ्रांस के राष्ट्रपति पद के दावेदार मेलेंशों ने नाटो से अलग होने का किया आह्वान
फ्रांसीसी राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेने वाले वामपंथी नेता जां-ल्यूक मेलेंशों ने देश के विदेश नीति में मौलिक परिवर्तन की मांग की है। उन्होंने कहा है कि फ्रांस को नाटो सैन्य गठबंधन से बाहर निकलना चाहिए।
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फ्रांसीसी राजनीति में बदलाव की बात करते हुए वामपंथी राष्ट्रपति पद के आकांक्षी जां-ल्यूक मेलेंशों ने अपने राजनीतिक कार्यक्रम में एक दुस्साहसी प्रस्ताव रखा है। उन्होंने घोषणा की है कि यदि वह राष्ट्रपति बनते हैं तो फ्रांस को उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) से अपनी सदस्यता समाप्त करने पर विचार करना चाहिए।
मेलेंशों के अनुसार, नाटो की सदस्यता फ्रांस के राष्ट्रीय हितों के अनुरूप नहीं है और देश को एक स्वतंत्र विदेश नीति अपनानी चाहिए। उनका मानना है कि यूरोपीय देशों को अमेरिकी नेतृत्व वाली सैन्य गठबंधन पर निर्भर रहने की बजाय अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए।
यह प्रस्ताव फ्रांसीसी राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दा है क्योंकि फ्रांस नाटो का संस्थापक सदस्य है। मेलेंशों का यह रुख उनके कट्टर वाम विचारधारा और अमेरिकी वर्चस्व के प्रति आलोचनात्मक दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है।
इस घोषणा से यूरोपीय और अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में काफी चर्चा हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रस्ताव फ्रांसीसी चुनावों में एक महत्वपूर्ण और विवादास्पद मुद्दा बनने वाला है।