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बचपन का शौक आज भी जारी: माइक टायसन के पास सैकड़ों कबूतर
मुक्केबाजी के दिग्गज माइक टायसन का कबूतरों से गहरा रिश्ता है। बुलिंग का शिकार बने ब्रुकलिन के एक बालक ने जो शौक पाला था, वह दशकों बाद आज भी उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है।
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विश्व प्रसिद्ध मुक्केबाज माइक टायसन का कबूतरों से लगाव उनके कठिन बचपन से शुरू हुआ था। न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन इलाके में बड़े हुए टायसन को स्कूल में अक्सर उनके साथियों द्वारा परेशान किया जाता था। इसी दौरान उन्होंने कबूतरों को पालना शुरू किया, जो उनके लिए भावनात्मक सहारा बन गया।
कबूतरों के साथ समय बिताना टायसन के लिए एक चिकित्सात्मक काम साबित हुआ। इन पक्षियों की देखभाल करने की जिम्मेदारी और उनके साथ का रिश्ता उन्हें मुश्किल दिनों में सांत्वना देता था। यह आरंभिक शौक उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया।
दशकों बाद आज भी टायसन अपने इस पुराने शौक को जारी रखे हुए हैं। उनके पास वर्तमान में सैकड़ों कबूतर हैं, जिनकी देखभाल वह समर्पण के साथ करते हैं। मुक्केबाजी के शिखर पर पहुंचने के बाद भी, कबूतरों के प्रति उनका लगाव कम नहीं हुआ है।
टायसन का यह उदाहरण दर्शाता है कि कैसे बचपन के कठिन समय में मिले सहारे जीवन भर साथ रह सकते हैं। उनके लिए कबूतर केवल पक्षी नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और संवेदनशीलता का प्रतीक बन गए हैं।