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रानी विक्टोरिया को भेंट की गई अफ्रीकी लड़की; 176 साल बाद परिवार को याद आई विरासत
1850 में सात साल की अफ्रीकी लड़की को ब्रिटेन की रानी विक्टोरिया को राजनीतिक उपहार के रूप में प्रस्तुत किया गया था। अब उसके वंशज उसके जीवन की जटिल कहानी को फिर से जानने की कोशिश कर रहे हैं।
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1850 में एक सात वर्षीय अफ्रीकी बालिका को ब्रिटिश राजमुकुट की सेवा में लाया गया था। अपने परिवार को खो चुकी और दो साल की कैद झेल चुकी इस लड़की का नाम रखा गया सारा फोर्ब्स बोनेटा। रानी विक्टोरिया के द्वारा उसे राजनीतिक 'भेंट' के रूप में स्वीकार किया गया, जिसके बाद वह शाही संरक्षण में पली-बढ़ी।
बोनेटा को ब्रिटिश राजमुकुल के अंदरूनी हलकों में पला-पोसा गया, लेकिन उसकी स्वतंत्रता पर गंभीर प्रतिबंध थे। शाही परिवार के साथ उसके रिश्ते जटिल थे, जहां वह न तो पूरी तरह स्वीकृत थी और न ही पूरी तरह मुक्त। उसका जीवन विशेषाधिकार और सीमाओं का एक द्वंद्वमय मिश्रण था।
अब, डेढ़ सदी से अधिक समय बाद, इतिहासकार बोनेटा के जीवन की गहन परीक्षा कर रहे हैं। उसके प्रपौत्र बायो रैंडल सहित परिवार के सदस्य उसके संघर्षों, उपलब्धियों और ब्रिटिश राजतंत्र के साथ उसके जटिल संबंधों पर विचार कर रहे हैं। एक नई जीवनी इस भुलाई हुई गाथा को पुनः जीवंत करने का प्रयास कर रही है।
बोनेटा की कहानी औपनिवेशिक काल के अंधेरे पहलुओं को उजागर करती है, जब अफ्रीकी बच्चों को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए हटा दिया जाता था। उसके वंशजों का यह प्रयास न केवल एक महिला के जीवन को सम्मान देता है, बल्कि इतिहास के उन अवधि में दबे हुए कंठों को भी सुना जाता है।