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एक फल के विशेष यौगिक से हृदय रोगियों में 80% तक सुधार संभव
लंदन के किंग्स कॉलेज के वैज्ञानिकों की नई खोज से पता चलता है कि एक खास फल में पाए जाने वाले यौगिक से हृदय की कार्यप्रणाली में महत्वपूर्ण सुधार हो सकता है।
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किंग्स कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने हृदय संबंधी एक गंभीर रोग के उपचार में एक सकारात्मक विकास पाया है। इस अध्ययन में उन्होंने 'हार्ट फेलियर विथ प्रिजर्व्ड इजेक्शन फ्रैक्शन' नामक बीमारी से जूझ रहे रोगियों पर ध्यान केंद्रित किया। यह एक ऐसी स्थिति है जहां हृदय अपनी पूरी क्षमता से रक्त पंप करने में असमर्थ हो जाता है।
अनुसंधान के अनुसार, एक विशेष फल में एक अनोखा रासायनिक यौगिक पाया जाता है। इस यौगिक की खोज इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हृदय रोगियों के लिए एक प्राकृतिक उपचार विकल्प प्रदान करता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह यौगिक रोगियों के हृदय की कार्यक्षमता में 80 प्रतिशत तक सुधार ला सकता है।
हृदय रोग विश्वविद्यालय में एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। इस प्रकार की नई खोजें पारंपरिक दवाओं के अतिरिक्त प्राकृतिक और खाद्य-आधारित समाधानों की संभावना को दर्शाती हैं। यह अध्ययन कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है।
शोधकर्ताओं का अगला लक्ष्य इस फल के यौगिक पर और विस्तृत नैदानिक परीक्षण करना है ताकि इसे चिकित्सीय उपचार के रूप में विकसित किया जा सके।