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शिशु फार्मूला दूध पर एफएसएसएआई की कड़ी नजरदारी, डॉक्टरों ने माता के दूध पर दिया जोर
भारतीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण शिशु फार्मूला दूध उत्पादों की जांच में सख्त रुख अपना रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ माता के दूध को ही शिशु के लिए सर्वश्रेष्ठ माध्यम बता रहे हैं।
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शिशु पोषण को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने शिशु फार्मूला दूध उत्पादों पर नियामक निगरानी बढ़ा दी है। इस कार्रवाई के तहत बाजार में उपलब्ध विभिन्न ब्रांडों के फार्मूला दूध की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की कड़ी जांच की जा रही है।
चिकित्सा विशेषज्ञों ने इस मुद्दे पर जोरदार सुझाव दिया है कि माता का दूध शिशु के लिए सबसे उत्तम विकल्प है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नवजात और छोटे बच्चों के पोषण के लिए स्तनपान को ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
डॉक्टरों के अनुसार, दुर्लभ परिस्थितियों में जब माता का दूध उपलब्ध न हो, तो नंदिनी दूध या सरकारी एवं निजी अस्पतालों में संचालित मिल्क बैंकों से दूध प्राप्त करना एक बेहतर विकल्प है। ये दोनों माध्यम पोषण और सुरक्षा के दृष्टिकोण से अधिक विश्वसनीय माने जाते हैं।
इस नियामक पहल से भारतीय बाजार में शिशु पोषण संबंधी उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। एफएसएसएआई की यह कार्रवाई शिशुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।