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पनीर केवल दूध से बने उत्पादों तक सीमित करने का प्रस्ताव
खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने पनीर की परिभाषा को स्पष्ट करने के लिए एक नया नियम संशोधन प्रस्तावित किया है। इस संशोधन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल दूध से निर्मित उत्पादों को ही पनीर के रूप में बेचा जा सके।
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खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने पनीर उत्पादों के विनियमन को कड़ा करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर प्रतिबंध और प्रतिबंधन) संशोधन नियमावली, 2026 मौजूदा विनियमों के तहत नियमन 2.1.1 में एक नया खंड जोड़ने का प्रस्ताव करती है।
यह संशोधन विशेष रूप से उन पनीर उत्पादों को संबोधित करता है जो दूध से व्युत्पन्न नहीं होते हैं। प्रस्तावित नियम के कार्यान्वयन से दूध पर आधारित पनीर की परिभाषा स्पष्ट होगी और बाजार में मिलावटी उत्पादों पर नियंत्रण संभव होगा।
एफएसएसएआई का यह कदम पनीर उद्योग में पारदर्शिता और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस नियमन के माध्यम से उपभोक्ताओं को यह आश्वस्ति मिलेगी कि वे जो उत्पाद खरीद रहे हैं वह वास्तविक दूध से निर्मित है।
यह संशोधन भारतीय दुग्ध उत्पाद बाजार में मानकीकरण का एक महत्वपूर्ण पहलू है और देश के खाद्य सुरक्षा मानदंडों को और सुदृढ़ करने में योगदान देगा।