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आईपीओ से जुलाई-अगस्त में तेजी के बाद भी वित्त वर्ष 27 में पिछले साल से कम धनराशि
चालू वित्त वर्ष में आईपीओ के माध्यम से जुलाई और अगस्त में क्रमशः 18,349 करोड़ और 26,302 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई गई। ये दोनों महीने अब तक की कुल पूंजी संग्रहण का लगभग 96 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं।
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भारतीय पूंजी बाजार में जुलाई और अगस्त के महीनों में आईपीओ गतिविधि में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला, लेकिन वित्त वर्ष 2026-27 की समग्र धनराशि संग्रहण अभी भी पिछले वर्ष की तुलना में पीछे है। अगस्त माह में 26 तारीख तक 26,302 करोड़ रुपये जुटाए गए, जबकि जुलाई में 18,349 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई।
ये दोनों महीने मिलकर वित्त वर्ष 27 में अब तक की कुल आईपीओ धनराशि का करीब 96 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं। इसका मतलब यह है कि वर्ष के पहले दो महीनों में बाजार में पूंजी संग्रहण की गतिविधि काफी सीमित रही थी।
इस लेटकमर उछाल के बाद भी, वित्त वर्ष 2026-27 में आईपीओ के जरिये जुटाई गई कुल धनराशि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कम बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि शुरुआती महीनों में बाजार की अस्थिरता और आर्थिक अनिश्चितता के कारण कंपनियों की आईपीओ लॉन्च करने में संकोच दिखा।
जुलाई-अगस्त की तेजी से संकेत मिलता है कि बाजार की स्थितियां बेहतर हुई हैं और आने वाले महीनों में भी आईपीओ गतिविधि बनी रह सकती है।