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राहुल गांधी ने कहा - 'तंत्र' सवाल उठाने वाले छात्रों को नापसंद करता है
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा 'तंत्र' आलोचनात्मक सोच वाले छात्रों को खतरे के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि छात्र न्यायपालिका, नौकरशाही और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हैं।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने देश के शैक्षणिक संस्थानों में आलोचनात्मक सोच को दबाने का आरोप लगाया है। गांधी का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था उन छात्रों को खतरनाक मानती है जो प्रश्न पूछते हैं और संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हैं।
अपने बयान में गांधी ने कहा कि यह 'तंत्र' केवल उन्हीं को पसंद करता है जो बिना किसी सवाल के विचारधारा को स्वीकार करते हैं। उन्होंने दावा किया कि शीर्ष स्तर पर छह लोगों का एक समूह इस व्यवस्था को नियंत्रित करता है।
गांधी के अनुसार, छात्र वर्ग न्यायपालिका, प्रशासनिक तंत्र और चुनाव आयोग जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं की कार्यप्रणाली में सुधार के प्रश्न उठाते हैं। वह इन संस्थाओं से उनकी जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हैं।
कांग्रेस नेता का यह बयान भारत में शैक्षणिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर चल रहे व्यापक विमर्श का हिस्सा है।