LSN News › India

Politics · India Bureau

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के बीच गांधी के 1922 के बयान की गूंज

राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बलों की विशाल तैनाती के बीच युवा प्रदर्शनकारियों ने अहिंसक प्रतिरोध का आह्वान किया है। इस घटनाक्रम में महात्मा गांधी के 1922 के ऐतिहासिक अदालती बयान की प्रासंगिकता फिर से सामने आई है।

LSN India · 11 October 2026

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के बीच गांधी के 1922 के बयान की गूंज

दिल्ली में सुरक्षा बलों की भारी मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। इन गिरफ्तारियों के संदर्भ में महात्मा गांधी के 1922 के अदालती बयान को लेकर चर्चा बढ़ी है, जिसमें वे अहिंसक प्रतिरोध के सिद्धांतों के बारे में बात करते थे।

युवा प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजधानी में निष्क्रिय प्रतिरोध की रणनीति अपनाई है। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से की जा रही कार्रवाई के बीच प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपने विरोध को जारी रखे हुए हैं।

गांधी के 1922 के बयान में अहिंसक संघर्ष के महत्व पर जोर दिया गया था। इतिहासकारों का मानना है कि आज का यह आंदोलन उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास है।

वर्तमान परिस्थितियों में अहिंसक प्रतिरोध की रणनीति को लेकर विभिन्न विचार सामने आ रहे हैं। सरकारी एजेंसियां सुरक्षा के नाम पर कड़ी कार्रवाई कर रही हैं जबकि नागरिक अधिकार कार्यकर्ता शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का दावा कर रहे हैं।