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सिनेमा से नफरत करने वाले गांधी: फिल्म कैमरे का प्रेम-प्रसंग

महात्मा गांधी ने सिनेमा को पश्चिमी विषमता मानते हुए सदैव इससे दूरी बनाई, किंतु फिल्म कैमरा उनके प्रति सदा आकृष्ट रहा और उन्हें अपने लेंस में कैद करता रहा।

LSN India · 3 October 2026

सिनेमा से नफरत करने वाले गांधी: फिल्म कैमरे का प्रेम-प्रसंग

महात्मा गांधी के जीवन और विचारों के साथ सिनेमा का संबंध विरोधाभासों से भरा रहा है। गांधी स्वयं सिनेमा को एक भ्रामक माध्यम मानते थे जो सामाजिक मूल्यों को नष्ट करता है, परंतु उनके व्यक्तित्व और कार्यों ने फिल्मकारों को सदैव आकर्षित किया।

गांधी का सिनेमा के प्रति संदेह गहरा था। वे मानते थे कि यह विदेशी माध्यम भारतीय समाज को पाश्चात्य संस्कृति की ओर धकेल रहा है। उन्होंने अपने विचारों के माध्यम से इस नई तकनीक के प्रति आपत्तियां व्यक्त कीं और जनता को इससे दूर रहने की सलाह दी।

हालांकि, विडंबना यह है कि फिल्म निर्माता उनके संदेश और व्यक्तित्व को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए सिनेमा का उपयोग करते रहे। गांधी के जीवन पर आधारित कई फिल्मों ने न केवल उनके आंदोलन को दस्तावेज किया, बल्कि विश्वव्यापी दर्शकों तक उनके विचार पहुंचाए।

इस अंतर्विरोध ने गांधी के जीवन को एक रोचक विषय बना दिया जहां एक ओर तो वे सिनेमा से दूर थे, लेकिन दूसरी ओर फिल्म कैमरा उनके प्रभाव और महत्व को सदा प्रकाश में रखता रहा। यह गांधी की विरासत का एक अभिन्न अंग बन गया है।