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अनंत चतुर्दशी पर आज गणेश विसर्जन, जानें शुभ मुहूर्त और नियम
25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति बप्पा का विसर्जन किया जाएगा। इस पवित्र अनुष्ठान के लिए शुभ मुहूर्त और पूजा की संपूर्ण विधि को समझना आवश्यक है।
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गणेश चतुर्थी से शुरू हुई गणपति की पूजा का समापन आज अनंत चतुर्दशी पर होगा। इस दिन भक्तों द्वारा घरों और सार्वजनिक पंडालों में स्थापित गणेश की मूर्तियों का विसर्जन किया जाता है। हिंदू परंपरा के अनुसार यह अवसर गणेश जी के आशीर्वाद के लिए कृतज्ञता प्रकट करने का समय माना जाता है।
अनंत चतुर्दशी को गणेश विसर्जन के लिए विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिन को शुभ माना जाता है क्योंकि इसे समृद्धि और मंगल की प्राप्ति का प्रतीक माना जाता है। विसर्जन से पहले भक्त गणेश जी को अर्घ्य देते हैं और उनसे अगले वर्ष पुनः आने का आशीर्वाद मांगते हैं।
विसर्जन की परंपरागत विधि में सबसे पहले गणेश मूर्ति को फूलों और पत्तियों से सजाया जाता है। इसके बाद भक्तों का समूह घुमाव और संगीत के साथ जल स्रोतों की ओर जाता है। जल में प्रवेश करते समय 'गणपति बप्पा मोरया' का जयकारा लगाया जाता है, जो इस त्योहार की सबसे पहचानी जाने वाली परंपरा है।
विसर्जन के समय कुछ नियमों का पालन किया जाता है। मूर्ति को जल में पूरी तरह विसर्जित होने तक देखा जाता है। विश्वास किया जाता है कि यह प्रक्रिया गणेश जी को अपने स्वर्गीय निवास को लौटने में सहायता करती है। परिवार के सदस्य इस समय एक-दूसरे को आलिंगन करते हैं और अगले वर्ष की भेंट का वादा करते हैं।