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गणेश विसर्जन 2026: 24 या 25 सितंबर, जानें सही तारीख और विधि
गणेश चतुर्थी के दस दिन बाद विसर्जन का विशेष महत्व है। भक्तों के लिए जरूरी है कि वे विसर्जन की सही तारीख, शुभ समय और धार्मिक विधि को समझें।
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गणेश उत्सव के समापन पर बाप्पा का विसर्जन एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है। हालांकि, कई भक्तों के मन में यह सवाल रहता है कि विसर्जन कब करना चाहिए और इसकी सही प्रक्रिया क्या है। 2026 में गणेश विसर्जन को लेकर भी इसी तरह के सवाल उठ रहे हैं कि यह 24 सितंबर को होगा या 25 सितंबर को।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाले पूजन का समापन विसर्जन के साथ होता है। इस अवधि में घर में स्थापित मिट्टी या पत्थर की प्रतिमा को जल में विसर्जित किया जाता है। विसर्जन का दिन और समय निर्धारित करने के लिए पंचांग का संदर्भ लिया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि पूजा संपूर्ण रूप से संपन्न हो।
विसर्जन की प्रक्रिया के दौरान कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन किया जाता है। भक्त प्रतिमा के सामने आरती करते हैं, गणेश को प्रणाम करते हैं, और फिर उसे जल में उतारते हैं। इस समय परिवार के सभी सदस्यों की मौजूदगी और पारस्परिक क्षमा मांगना भी परंपरा का हिस्सा है।
गणेश विसर्जन केवल एक धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि यह संदेश देता है कि सभी चीजें क्षणिक हैं और प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाए रखना आवश्यक है। इस बार विसर्जन की सही तारीख और समय जानने के लिए स्थानीय धार्मिक विशेषज्ञों या पंचांग से संपर्क करना फायदेमंद हो सकता है।