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गणेश विसर्जन 25 सितंबर को, अनंत चतुर्दशी पर मनाई जाएगी विदाई
गणपति बप्पा का आगमन इस वर्ष 14 सितंबर को हुआ है और उनका विसर्जन 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के शुभ मुहूर्त पर किया जाएगा। धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए भक्तों को विसर्जन के नियमों का पूरी तरह ध्यान रखना चाहिए।
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गणेश चतुर्थी से शुरू हुई 11 दिवसीय महापर्व की समाप्ति 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के पवित्र दिन पर होगी। इसी दिन लाखों श्रद्धालु जल निकायों में बप्पा की मूर्तियों का विसर्जन करेंगे और उन्हें विदा करेंगे।
गणेश विसर्जन भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन अधिकांश लोग इस अवसर पर पालन किए जाने वाले प्रमुख नियमों से अनभिज्ञ रहते हैं। विसर्जन की प्रक्रिया को पूरी श्रद्धा और सावधानी के साथ संपन्न करना चाहिए ताकि त्योहार की पवित्रता बनी रहे।
शास्त्रों के अनुसार, गणेश विसर्जन का समय और विधि दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। अनंत चतुर्दशी तिथि को गणपति को जल में प्रवाहित करना परंपरागत रूप से शुभ माना जाता है। भक्तों को चाहिए कि वे विसर्जन से पहले सभी धार्मिक विधियों को पूरी तरह समझ लें।
इस बार विसर्जन की तारीख को लेकर कोई भ्रम नहीं है क्योंकि 25 सितंबर ही अनंत चतुर्दशी का दिन है। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे समय पर विसर्जन की तैयारी करें और महापर्व को सम्मानजनक तरीके से संपन्न करें।