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असम में बेदखल परिवारों के पुनर्वास पर गुवाहाटी उच्च न्यायालय की सुनवाई
कामरूप मेट्रोपोलिटन जिले के सोनापुर क्षेत्र में 100 बीघा जनजातीय भूमि को खाली कराने के लिए सितंबर 2024 में करीब 650 परिवारों को बेदखल किया गया था। गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने इन परिवारों के पुनर्वास की स्थिति पर स्पष्टता मांगी है।
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असम के कामरूप मेट्रोपोलिटन जिले में सोनापुर क्षेत्र से सितंबर 2024 में बड़े पैमाने पर किए गए बेदखली कार्यवाही को लेकर गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। इस बेदखली में अधिकांश प्रभावित परिवार प्रवासी मुस्लिम समुदाय से थे जो सूचित जनजातीय भूमि पर बसे हुए थे।
यह अभियान 100 बीघा क्षेत्र को खाली कराने के लिए शुरू किया गया था, जिसमें लगभग 650 परिवार प्रभावित हुए। उच्च न्यायालय ने अब राज्य प्रशासन से बेदखल किए गए इन परिवारों के लिए पुनर्वास व्यवस्था की जानकारी चाही है।
न्यायालय की कार्रवाई सामाजिक कल्याण और भूमि अधिकारों के मुद्दों पर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाती है। दरअसल, ऐसी बड़ी संख्या में बेदखली के बाद प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आवास और पुनर्वास के माध्यम से सहायता प्रदान करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती है।
यह मामला असम में जनजातीय भूमि संरक्षण और हाशिए पर रहने वाली आबादी के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर कानूनी और सामाजिक महत्व रखता है। उच्च न्यायालय की इस सुनवाई से भविष्य की ऐसी कार्रवाई में मानवीय पक्ष को ध्यान में रखने की आवश्यकता रेखांकित होती है।