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गौहाटी उच्च न्यायालय ने भूमि अधिकार कार्यकर्ता प्रणब डोले की एनएसए नज़रबंदी रद्द की

गौहाटी उच्च न्यायालय ने भूमि अधिकार कार्यकर्ता प्रणब डोले की राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत नज़रबंदी को रद्द कर दिया है। डोले को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के पास प्रस्तावित होटल परियोजना के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के कुछ दिनों बाद जुलाई में गिरफ्तार किया गया था।

LSN India · 6 November 2026

गौहाटी उच्च न्यायालय ने भूमि अधिकार कार्यकर्ता प्रणब डोले की एनएसए नज़रबंदी रद्द की

गौहाटी उच्च न्यायालय ने भूमि अधिकार कार्यकर्ता प्रणब डोले की नज़रबंदी को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत रद्द कर दिया है। डोले को 12 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था, जब वह इंगले पाथर गांव में एक विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे।

इंगले पाथर गांव, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल स्थल के निकट स्थित है, में 28 जून को कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों द्वारा एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। यह प्रदर्शन उस क्षेत्र में प्रस्तावित होटल परियोजना के विरुद्ध था।

डोले ने जून के अंत में इसी विरोध प्रदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसके महज़ दो हफ्ते बाद ही उन्हें गिरफ्तार किया गया और एनएसए के तहत नज़रबंद रखा गया।

उच्च न्यायालय के इस फैसले से डोले को कानूनी राहत मिल गई है। यह निर्णय सरकार द्वारा विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले कार्यकर्ताओं को नज़रबंद करने की प्रथा पर सवाल उठाता है।