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जनतांत्रिक प्रगति का संकेत है जेन जेड की साहसिकता: न्यायाधीश मुरलीधर
पूर्व उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने कहा कि 2047 में भारतीय न्यायपालिका बेहतर होगी यदि आज के न्यायाधीश राज्य द्वारा गंभीर अत्याचार की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करें।
LSN India ·

न्यायमूर्ति एन.वी. रमण्ण मुरलीधर ने डी.एस. बोर्कर स्मृति व्याख्यान के दौरान देश के युवाओं की साहसिक और निडर मानसिकता को लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण बताया। 'मेरा भारत 2047' विषय पर दिए गए अपने संबोधन में पूर्व उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने कहा कि जेन जेड की आलोचनात्मक दृष्टि और परंपराओं को चुनौती देने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों के विकास का संकेत है।
मुरलीधर के अनुसार, आने वाले दशक में न्यायपालिका की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि 2047 में भारतीय न्यायपालिका की प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आज के न्यायाधीश सत्ता के दुरुपयोग और राज्य द्वारा किए जाने वाले गंभीर अन्यायों के विरुद्ध कितनी तेजी और दृढ़ता से कार्रवाई करते हैं।
न्यायाधीश ने जोर देते हुए कहा कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए न्यायपालिका को सक्रिय और जवाबदेही से भरा होना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा पीढ़ी की तीक्ष्ण दृष्टि और प्रश्न करने की प्रवृत्ति भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को और मजबूत बनाएगी।
मुरलीधर का यह संबोधन उस समय आया है जब देश में न्यायिक प्रक्रिया और नागरिक अधिकारों पर व्यापक चर्चा चल रही है। उन्होंने देश की भविष्य की दृष्टि तैयार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।