Technology · India Bureau
Gen Z के लिए AI बना नया सलाहकार, रिश्तों की सलाह भी ले रहे युवा
भारत का Gen Z कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अब केवल शिक्षा और व्यावसायिक कार्यों तक सीमित नहीं रख रहा है। व्यक्तिगत जीवन और संबंधों की समस्याओं के समाधान के लिए भी युवा AI से सलाह मांग रहे हैं।
LSN India ·

भारत के शहरी इलाकों में Gen Z की एक बड़ी संख्या अपनी निजी परेशानियों और रिश्तों की उलझनों को सुलझाने के लिए AI चैटबॉट्स का सहारा ले रही है। किसी को अपने क्रश को संदेश भेजने से पहले AI से राय लेनी है, तो कोई दोस्त से झगड़ने के बाद AI से अपने मन की बातें साझा कर रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह प्रवृत्ति पारंपरिक सामाजिक सहायता तंत्र में बदलाव का संकेत है।
मनोविज्ञानी और डिजिटल संस्कृति के जानकारों का मानना है कि Gen Z के लिए AI से सलाह लेना इसलिए आसान है क्योंकि यह माध्यम गैर-निर्णयात्मक, तुरंत उपलब्ध और पूरी तरह गोपनीय होता है। पारंपरिक सलाहकारों या दोस्तों के विपरीत, AI से बातचीत में सामाजिक शर्मिंदगी या सामने वाले की नकारात्मक प्रतिक्रिया का डर नहीं होता।
हालांकि, इस प्रवृत्ति के संदर्भ में विशेषज्ञ आगाह करते हैं कि जटिल भावनात्मक मामलों में पूरी तरह से कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर निर्भर रहना उचित नहीं है। मानव संबंध और सहानुभूति की जगह कोई मशीन नहीं ले सकती। किशोर और युवा वयस्कों को AI को सूचना और प्रारंभिक सलाह का स्रोत मानना चाहिए, लेकिन गंभीर मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों के लिए पेशेवर मदद लेनी चाहिए।