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संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में महिला की बारी, लैंगिक समानता के लिए 171 साल का इंतज़ार
संयुक्त राष्ट्र के अगले महासचिव के चयन को लेकर चल रही बहस में महिला नेतृत्व की मांग तेज़ हुई है। यूएन की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक लैंगिक समानता हासिल करने में अभी भी 171 साल का समय लग सकता है।
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संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व के सवाल पर महिलाओं की भूमिका को लेकर एक नई बहस शुरू हुई है। संगठन के शीर्ष पद के लिए महिला उम्मीदवार की नियुक्ति की मांग जोर पकड़ रही है, जब दुनिया भर में लैंगिक असमानता की समस्या गंभीर बनी हुई है।
यूएन की हाल ही में जारी 'जेंडर स्नैपशॉट' रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान गति से चलते हुए विश्व स्तर पर पूर्ण लैंगिक समानता प्राप्त करने में 171 वर्ष का समय लग सकता है। यह लक्ष्य पहले वर्ष 2015 के लिए निर्धारित किया गया था, जिसे बाद में 2030 तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। महिला नेतृत्व की कमी इस समस्या की एक महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में यह कदम प्रतीकात्मक से अधिक महत्व रखता है। संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्था के शीर्ष पर महिला का नेतृत्व दुनिया भर में लैंगिक समानता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाएगा।
इस समय महासचिव के चयन की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। महिला उम्मीदवार की नियुक्ति इस बात का संदेश भेजेगी कि लैंगिक असमानता को दूर करने के लिए संयुक्त राष्ट्र कितना गंभीर है।