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मासिक धर्म का दर्द सामान्य नहीं हो सकता, आनुवंशिकता बढ़ा सकती है जोखिम
चिकित्सकों के अनुसार गंभीर मासिक दर्द एंडोमेट्रियोसिस का संकेत हो सकता है, जो महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है। आनुवंशिक कारक इस दीर्घकालिक स्थिति के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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मासिक धर्म के दौरान होने वाला दर्द अक्सर सामान्य माना जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गंभीर या लगातार बने रहने वाला दर्द एंडोमेट्रियोसिस नामक एक गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। यह एक दीर्घकालिक रोग है जो महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है और जीवन की गुणवत्ता को महत्वपूर्ण रूप से खराब कर सकता है।
एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें गर्भाशय की भीतरी परत जैसा ऊतक गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगता है। यह स्थिति दुनिया भर में 10 में से 1 महिला को प्रभावित करती है। इससे गंभीर मासिक दर्द, श्रोणि क्षेत्र में दर्द और बांझपन जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। भारत में अधिकांश महिलाओं को इस रोग का निदान होने में 7 से 10 साल का समय लग जाता है, क्योंकि कई डॉक्टरों को इस बीमारी की पर्याप्त जानकारी नहीं होती।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ता शोध यह सुझाता है कि आनुवंशिक और एपिजेनेटिक कारक एंडोमेट्रियोसिस के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए इस स्थिति के प्रति जागरूकता बढ़ाने और शीघ्र निदान की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं में इस बीमारी के बारे में सही जानकारी का अभाव ही है कि लक्षणों को नजरअंदाज कर दिया जाता है।