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पश्चिम एशिया संकट और तेल की कीमतें शेयर बाजार को करेंगी प्रभावित
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले सप्ताह में पश्चिम एशिया में विकसित होने वाली स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिकी मुद्रास्फीति डेटा शेयर बाजार के प्रमुख निर्धारक होंगे। विदेशी निवेशकों की ट्रेडिंग गतिविधियां और वैश्विक बाजार के रुझान भी देशीय इक्विटी को प्रभावित करेंगे।
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आने वाले सप्ताह में वैश्विक मौद्रिक नीति, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक विकास से संबंधित मुद्दे शेयर बाजार में संवेदनशीलता बनाए रखेंगे। विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों की निगाहें अमेरिकी रोजगार डेटा के प्रभाव पर केंद्रित रहेंगी, जो फेडरल रिजर्व की सितंबर की नीतिगत बैठक से संबंधित अपेक्षाओं को प्रभावित कर सकता है।
घरेलू स्तर पर, निवेशकों का ध्यान विदेशी संस्थागत निवेशकों के प्रवाह, भारतीय रुपये की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू नकदी आपूर्ति पर बना रहेगा। Religare Broking Ltd के अनुसंधान के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजित मिश्रा ने बताया कि ये कारक आने वाले सप्ताह में बाजार की गतिविधियों को तय करेंगे।
हार्मुज स्ट्रेट के आसपास की स्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका भारत की मुद्रास्फीति, बाहरी संतुलन और कॉर्पोरेट लाभप्रदता पर सीधा असर पड़ता है। विश्लेषकों का कहना है कि इस क्षेत्र में किसी भी विकास से तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार दोनों पर प्रभाव पड़ेगा।