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जर्मनी को हर साल 90 हजार भारतीय कर्मचारियों की जरूरत: गोयल
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में आयोजित एक सम्मेलन में जर्मनी के विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया को साझा किया। उन्होंने बताया कि भारतीय कुशल कर्मचारियों की मांग को लेकर जर्मनी क्या कह रहा है।
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भारत और जर्मनी के बीच कौशल और रोजगार के क्षेत्र में सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण संकेत सामने आया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में आयोजित आईएसआईडी-आईडीआरए चतुर्थ राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी कि जर्मनी को प्रतिवर्ष 90,000 से अधिक भारतीय कर्मचारियों की आवश्यकता है।
गोयल ने कहा कि जर्मनी के विदेश मंत्री ने इस संबंध में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जो इस बात का संकेत है कि यूरोपीय देश भारतीय प्रतिभा को अपनी अर्थव्यवस्था में एकीकृत करने में गंभीर हैं। यह आंकड़ा दोनों देशों के बीच बढ़ती कौशल-आधारित सहयोग की संभावनाओं को दर्शाता है।
भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है जहां विशाल जनसंख्या वाली देश अपने कुशल कर्मचारियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश दिला सकता है। जर्मनी जैसी विकसित अर्थव्यवस्थाओं द्वारा भारतीय कर्मियों की बढ़ती मांग न केवल आय के स्रोत बढ़ाती है, बल्कि भारतीय पेशेवरों को वैश्विक मंच पर अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का मौका भी प्रदान करती है।
इस सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों को कौशल विकास, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और श्रम गतिशीलता समझौतों पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता होगी। गोयल का यह बयान भारत-जर्मनी संबंधों को नए आयाम देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।