World · India Bureau
बीमारी में भी काम करती हैं जोमैटो डिलीवरी वर्कर, दिलों को छू गई कहानी
घर के सभी काम निपटाने के बाद दोपहर 12 बजे से रात 11 बजे तक भोजन डिलिवरी करती हैं। प्रतिदिन 18 से 25 ऑर्डर पूरे करने का लक्ष्य रखती हैं।
LSN India ·
जोमैटो की एक महिला डिलीवरी कर्मचारी की कर्तव्यनिष्ठता और जीवन संघर्ष की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। बीमारी की परवाह किए बिना अपनी जिम्मेदारियों को निभाने वाली इस कर्मचारी की समर्पण भावना को लेकर भारतीय समाज में व्यापक सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
इस महिला डिलीवरी वर्कर की दैनिक दिनचर्या अत्यंत कठोर है। घर के सभी घरेलू कार्यों को निपटाने के पश्चात वह दोपहर 12 बजे से रात के 11 बजे तक भोजन सामग्री की डिलीवरी करती हैं। इस अवधि में वह प्रतिदिन 18 से 25 ऑर्डर पूरा करने का काम करती हैं।
जो बात इस कहानी को विशेष रूप से प्रेरणादायक बनाती है, वह यह है कि बीमारी की अवस्था में भी वह अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटती हैं। शारीरिक रूप से कमजोर होने के बाद भी इस महिला डिलीवरी कर्मचारी अपना काम जारी रखती हैं।
ऐसी कठिन परिस्थितियों में भी इस महिला का समर्पण और लगन लाखों लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। डिलीवरी सेक्टर में काम करने वाले अन्य श्रमिकों की तुलना में उनकी कहानी समाज के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाती है कि कैसे असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोग अत्यंत कठिन परिस्थितियों में अपना जीवन यापन करते हैं।