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विलियम गिल्बर्ट की ऐतिहासिक पुस्तक 58.5 लाख रुपये में बिकी
सत्रहवीं सदी की शुरुआत में प्रकाशित विलियम गिल्बर्ट की महत्वपूर्ण पुस्तक 'डी मैग्नेट' को अब भी वैज्ञानिक जगत में विशेष महत्व दिया जाता है। इसका पहला संस्करण हाल ही में क्रिस्टीज नीलाम में 58.5 लाख रुपये में बिका।
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वर्ष 1600 में प्रकाशित विलियम गिल्बर्ट की पुस्तक 'डी मैग्नेट' चुंबकत्व और विद्युत अध्ययन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। इस ऐतिहासिक ग्रंथ ने न केवल नई वैज्ञानिक शब्दावली का परिचय दिया, बल्कि प्रायोगिक पद्धति को भी परिभाषित किया जो भविष्य के विद्युत अध्ययन को आधार प्रदान करेगी।
गिल्बर्ट की सबसे क्रांतिकारी अवधारणा यह थी कि पृथ्वी स्वयं एक विशाल चुंबक है। यह विचार उस समय के वैज्ञानिक समुदाय में क्रांतिकारी परिवर्तन लाया और चुंबकत्व की समझ को पूरी तरह बदल दिया।
इस पुस्तक का ऐतिहासिक महत्व आज भी यथावत है। हाल ही में क्रिस्टीज की नीलामी में इसका पहला संस्करण 61,440 डॉलर (लगभग 58.5 लाख रुपये) में बिका, जो वैज्ञानिक समुदाय द्वारा इसके प्रति जारी रखी गई रुचि का प्रमाण है।
आज भी 'डी मैग्नेट' विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में अध्ययन की जाती है। गिल्बर्ट द्वारा स्थापित सिद्धांत और प्रायोगिक विधियां आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान का आधार बनीं, जिससे यह पुस्तक केवल ऐतिहासिक दस्तावेज नहीं बल्कि विज्ञान के विकास का एक महत्वपूर्ण खंभा बनी रही है।