LSN News › India

World · India Bureau

नेपाल में आपदा: ग्लेशियर पिघलना, झीलें और भूस्खलन से बढ़ता संकट

नेपाल में आने वाली तबाही केवल मूसलाधार बारिश का परिणाम नहीं है। तेजी से पिघलते ग्लेशियर, खतरनाक ग्लेशियल झीलें, भूस्खलन और उफनती नदियां मिलकर विनाश का कारण बन रहे हैं।

LSN India · 13 October 2026

नेपाल में आपदा: ग्लेशियर पिघलना, झीलें और भूस्खलन से बढ़ता संकट

नेपाल की हिमालयी पर्वत श्रृंखला में जलवायु परिवर्तन के कारण आने वाली तबाही चिंताजनक है। पहाड़ों पर जमी बर्फ तेजी से पिघल रही है, जिससे घाटियों में रहने वाले लोगों के लिए गंभीर जोखिम पैदा हो रहा है। भारी वर्षा, ग्लेशियर के पिघलने और भूस्खलन के समन्वय से देश के विभिन्न क्षेत्रों में आपदा की स्थिति बन गई है।

ग्लेशियल झीलें विशेष रूप से खतरनाक हो गई हैं। ये बर्फ की दीवारों से घिरी झीलें अचानक टूट सकती हैं और विनाशकारी बाढ़ का कारण बन सकती हैं। पर्वतीय इलाकों में खिसकती मिट्टी और चट्टानें भी नीचे की ओर तेजी से खिसक रही हैं, जिससे गांवों और बस्तियों को नुकसान हो रहा है।

नदियां अपने सामान्य प्रवाह से कहीं अधिक आक्रामक हो गई हैं। पिघलते ग्लेशियर से अचानक पानी का प्रवाह बढ़ने और भूस्खलन से नदियों में आने वाली तलछट से नदियां उफनी हुई हैं। इस जटिल स्थिति ने नेपाल में आपदा प्रबंधन को अत्यंत कठिन बना दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण हिमालय में बर्फ के तेजी से पिघलने की घटनाएं भविष्य में और भी बढ़ेंगी। स्थानीय समुदायों के लिए यह दीर्घकालिक संकट बना हुआ है और इसके समाधान के लिए व्यापक योजना की जरूरत है।