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विश्व शक्ति वितरण असमान है, विकासशील देश संकट झेल रहे हैं: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स देशों को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक शक्ति पिरामिड की तरह केंद्रीभूत है। उन्होंने जोर दिया कि इस असंतुलित व्यवस्था का सबसे गहरा असर वैश्विक दक्षिण के देशों पर पड़ रहा है।
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प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स समूह के समक्ष वर्तमान अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की आलोचना करते हुए कहा कि विश्व की राजनीतिक और आर्थिक शक्ति कुछ ही देशों के हाथों में केंद्रीभूत है। उन्होंने इस व्यवस्था की तुलना एक पिरामिड संरचना से की, जहां शीर्ष पर स्थित राष्ट्र वैश्विक निर्णयों पर नियंत्रण रखते हैं।
पीएम ने बताया कि इस विषम शक्ति वितरण के कारण विकासशील और विकसनशील देशों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं। वैश्विक दक्षिण के अधिकांश राष्ट्र अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन और सामाजिक विकास से संबंधित चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जबकि ये निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका सीमित है।
मोदी के अनुसार बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की स्थापना तभी संभव है जब विकासशील देशों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अधिक प्रभावशाली भूमिका दी जाए। उन्होंने ब्रिक्स जैसे समूहों को इस असंतुलन को सुधारने का माध्यम माना।
पीएम का यह वक्तव्य वैश्विक दक्षिण के हितों की रक्षा के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और विश्व मंचों पर अधिक समान प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर जोर देता है।