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विश्वव्यापी सर्वेक्षण में चौंकाने वाला खुलासा: 58 देशों के 20% रीफ्स में शार्क नहीं
पॉल एलन की Global FinPrint पहल ने 58 देशों के समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र का अध्ययन किया। सर्वेक्षण में पाया गया कि लगभग एक-पंचमांश रीफ्स में शार्क की पूरी तरह अनुपस्थिति है।
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वर्ष 2015 में शुरू की गई एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पहल ने विश्व के समुद्री प्रवालभित्तियों की स्थिति के बारे में चिंताजनक तस्वीर उजागर की है। अंडरवाटर कैमरों का उपयोग करके 58 देशों में किए गए इस व्यापक सर्वेक्षण से पता चला है कि इन देशों की लगभग 20 प्रतिशत रीफ्स में शार्क पूरी तरह लुप्त हो गई हैं।
गहन अध्ययन के निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि मानव आबादी की घनता और बाजारों की निकटता शार्क की संख्या में तेजी से गिरावट के प्रमुख कारण हैं। तटीय क्षेत्रों और व्यावसायिक केंद्रों के पास स्थित रीफ्स इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित पाए गए हैं।
हालांकि, सर्वेक्षण में एक सकारात्मक पहलू भी उजागर हुआ। जहां संरक्षण उपाय लागू किए गए हैं, संरक्षित जल क्षेत्र घोषित किए गए हैं और मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, वहां शार्क की आबादी में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए शार्क की उपस्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है। ये शिकारी न केवल खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करते हैं, बल्कि समुद्री जैव विविधता को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वैज्ञानिकों का निष्कर्ष है कि सकारात्मक परिणामों के लिए अधिक से अधिक क्षेत्रों में संरक्षण नीतियां सख्ती से लागू करना आवश्यक है।