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विश्व दक्षिण को '4F संकट' का सामना, जयशंकर ने विकसित देशों से कार्रवाई की मांग
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि वित्त, ईंधन, खाद्य और उर्वरक का संकट विश्व के विकासशील देशों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। उन्होंने यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों से दूर रहने वाले समाजों पर इसके असर पर चिंता व्यक्त की।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वैश्विक दक्षिण के देशों के समक्ष आने वाले संकटों को '4F संकट' की संज्ञा दी है। इस संकट में वित्तीय संसाधनों की कमी, ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि, खाद्य सुरक्षा और उर्वरक की अपर्याप्तता शामिल है। जयशंकर का मानना है कि ये समस्याएं विकासशील राष्ट्रों की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से कमजोर कर रही हैं।
जयशंकर ने इस बात की ओर ध्यान आकर्षित किया कि यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों के परिणाम वैश्विक स्तर पर महसूस किए जा रहे हैं। वे क्षेत्र से दूर रहने वाले देश भी इन संकटों का भारी कीमत चुका रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये अस्थिरताएं विकासशील विश्व के लिए अतिरिक्त दबाव का कारण बन गई हैं।
विदेश मंत्री ने विकसित देशों से इस स्थिति में सकारात्मक भूमिका निभाने का आग्रह किया है। उनके अनुसार, वैश्विक दक्षिण के देशों की चुनौतियों को हल करने के लिए विश्व के समृद्ध राष्ट्रों को सक्रिय कदम उठाने चाहिए। यह केवल विकासशील देशों का ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता का प्रश्न है।