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व्यापार नीतियों में विरोधाभास, बहुपक्षीय व्यवस्था में संकट

भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच 80 साल पुरानी बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था को पुनर्जीवित करने की संभावनाएं धुंधली दिख रही हैं। विश्व के प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अलग-अलग व्यापार नीतियों को अपना रही हैं।

LSN India · 26 August 2026

व्यापार नीतियों में विरोधाभास, बहुपक्षीय व्यवस्था में संकट

विश्व व्यापार संगठन की स्थापना के आठ दशक बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था गंभीर संकट का सामना कर रही है। भू-राजनीतिक तनाव और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति बहुपक्षीय व्यापार ढांचे को कमजोर कर रही है। प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं द्वारा अपनाई जा रही विभिन्न व्यापार नीतियां वैश्विक व्यापार में एकरूपता लाने की संभावनाओं को कम कर रही हैं।

विकसित और विकासशील देश अपने-अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए संरक्षणवादी उपाय अपना रहे हैं। इससे व्यापार समझौतों पर सहमति बनना मुश्किल हो गया है। साथ ही, आपूर्ति श्रृंखलाओं में विघ्न और तकनीकी प्रतिबंधों का असर वैश्विक व्यापार पर पड़ रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि वर्तमान प्रवृत्ति जारी रहे तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था और अधिक विखंडित हो सकती है। बहुराष्ट्रीय मंचों पर सदस्य देशों के बीच मतभेद गहरे हो गए हैं। विश्व अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए सभी पक्षों को संवाद और समझौते की आवश्यकता है।