LSN News › India

World · India Bureau

विश्व वन्यजीवन में 73 प्रतिशत की गिरावट, भारत के बड़ी बिल्लियां अपवाद

1970 के बाद से वैश्विक स्तर पर वन्यजीवन में भारी गिरावट देखी गई है, लेकिन भारत के शेर, बाघ और तेंदुए जैसी बड़ी बिल्लियों की आबादी इस नकारात्मक प्रवृत्ति से अलग रही है।

LSN India · 10 October 2026

विश्व वन्यजीवन में 73 प्रतिशत की गिरावट, भारत के बड़ी बिल्लियां अपवाद

एक व्यापक अध्ययन से सामने आया है कि पिछले पांच दशकों में दुनिया भर में वन्यजीवन की आबादी में 73 प्रतिशत की चिंताजनक गिरावट आई है। यह आंकड़ा जलवायु परिवर्तन, आवास विनाश और अत्यधिक शिकार के कारण जैव विविधता पर पड़ने वाले गहरे प्रभाव को दर्शाता है।

हालांकि, यह नकारात्मक प्रवृत्ति भारत के बड़ी बिल्लियों के संरक्षण में लागू नहीं हुई है। भारत की सुरक्षा प्रयासों और अभयारण्यों के कारण शेर, बाघ और तेंदुए की आबादी में वृद्धि देखी गई है। ये परिणाम भारतीय संरक्षण नीतियों की सफलता को दर्शाते हैं।

भारत ने पिछले कुछ वर्षों में वन्यजीवन संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और संरक्षित क्षेत्रों की स्थापना से इन प्रजातियों को आश्रय मिला है। इसके अलावा, स्थानीय समुदायों को शिक्षित करने और शिकार विरोधी अभियान चलाने से भी सकारात्मक परिणाम मिले हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के इस मॉडल को अन्य देश भी अपना सकते हैं। वैश्विक स्तर पर वन्यजीवन संरक्षण के लिए सतत प्रयास, सुरक्षित आवास और समुदाय की भागीदारी जरूरी है। भारत का अनुभव दर्शाता है कि सही नीति और निष्ठापूर्वक कार्यान्वयन से विलुप्त हो रही प्रजातियों को बचाया जा सकता है।