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2023 के बाद से सोने के कर्ज में तिगुनी वृद्धि, 2026 में डिफॉल्ट दर बढ़ी
सोने के कर्ज पोर्टफोलियो में पिछले तीन वर्षों में तेजी से विस्तार देखा गया है, लेकिन बकाया राशि में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। कई कर्ज लेने वाले और छोटी रकम के ऋणकर्ता अधिक जोखिम का सामना कर रहे हैं।
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सोने पर आधारित ऋण व्यवसाय में 2023 से लेकर अब तक तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि साथ ही साथ डिफॉल्ट दरों में भी तीव्र वृद्धि देखी जा रही है। यह चिंताजनक प्रवृत्ति उस समय उभर रही है जब इस खंड में प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है और विभिन्न वित्तीय संस्थान इस बाजार में आक्रामक विस्तार कर रहे हैं।
डिफॉल्ट के जोखिम का आकलन करते हुए, उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि जो उधारकर्ता एक से अधिक सोने के कर्ज लेते हैं वे सबसे अधिक असुरक्षित स्थिति में होते हैं। छोटी रकम के कर्ज और पहले से भुगतान में चूक की पृष्ठभूमि वाले उधारकर्ताओं को भी उच्च जोखिम वर्ग में रखा जा रहा है।
इंडस्ट्री के शीर्ष अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दबाव में ऋण देने के मानदंडों में क्रमिक ढीलापन आया है। इस परिस्थिति में, पोर्टफोलियो की गुणवत्ता पर नजर रखना और जोखिम प्रबंधन को और अधिक सख्त करना जरूरी हो गया है।
वित्तीय संस्थानों के लिए आने वाले महीनों में इस खंड में डिफॉल्ट दरों को नियंत्रित करना एक प्रमुख चुनौती बना हुआ है। उधारकर्ता की क्षमता का सटीक आकलन और उचित सम्पार्श्विक मूल्यांकन इस जोखिम को कम करने के लिए आवश्यक माने जा रहे हैं।