LSN News › India

Business · India Bureau

सोने के कर्ज बाजार में प्रवेश करती नई कंपनियां, प्रतिद्वंद्विता बढ़ेगी

भारत में सोने के कर्ज का बाजार तेजी से बढ़ रहा है और नई कंपनियां इस क्षेत्र में उतर रही हैं। पिछले पांच वर्षों में यह क्षेत्र प्रति वर्ष 34 प्रतिशत की दर से विस्तारित हुआ है।

LSN India · 25 August 2026

सोने के कर्ज बाजार में प्रवेश करती नई कंपनियां, प्रतिद्वंद्विता बढ़ेगी

भारत के सोने के कर्ज बाजार में तेजी से बदलाव आ रहे हैं क्योंकि नई-नई कंपनियां इस लाभदायक क्षेत्र में प्रवेश कर रही हैं। वर्तमान में सोने के कर्ज का कुल मूल्य 18.6 ट्रिलियन रुपये के आसपास है, जो खुदरा कर्ज का लगभग 11 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करता है।

वित्तीय वर्ष 2021 से 2026 के बीच इस क्षेत्र में 34 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) दर्ज की गई है। यह तेजी से विकास दरअसल पारंपरिक स्वर्ण ऋण प्रदानकर्ताओं के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। बाजार में नई प्रतिस्पर्धा के कारण पहले से स्थापित खिलाड़ियों के बाजार हिस्से पर दबाव बढ़ने की संभावना है।

सोने के कर्ज की मांग मजबूत बनी हुई है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में जहां यह एक विश्वसनीय वित्त पोषण विकल्प माना जाता है। नई कंपनियां अपनी उदार शर्तों और तेज प्रक्रिया के माध्यम से ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं।

इस बढ़ती प्रतिस्पर्धा से उद्योग की गतिशीलता में महत्वपूर्ण परिवर्तन आने वाले हैं। पारंपरिक खिलाड़ियों को अपनी सेवाओं में सुधार और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने की आवश्यकता होगी ताकि वे इस बाजार में अपनी प्रासंगिकता बनाए रख सकें।