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सोने के कर्ज का चमकीला आवरण: घरेलू कर्ज में बढ़ोतरी चिंता का विषय

भारतीय परिवार तेजी से सोने के कर्ज का रुख कर रहे हैं, जिससे घरेलू ऋण का बोझ बढ़ रहा है। विशेषज्ञ इस प्रवृत्ति के दीर्घकालिक आर्थिक प्रभावों की गहन जांच की मांग कर रहे हैं।

LSN India · 25 October 2026

सोने के कर्ज का चमकीला आवरण: घरेलू कर्ज में बढ़ोतरी चिंता का विषय

देश के शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में गोल्ड लोन की लोकप्रियता में तेजी से वृद्धि हुई है। आर्थिक संकट के समय या आकस्मिक खर्चों के लिए परिवार अपने सोने को गिरवी रखकर तुरंत नकदी हासिल करना पसंद कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति विशेषकर मध्यम वर्गीय घरों में अधिक दिखाई दे रही है।

हालांकि सोने के कर्ज आसानी से उपलब्ध होते हैं और कम दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन इनके साथ उच्च ब्याज दरें जुड़ी होती हैं। बैंकिंग विश्लेषकों का मानना है कि यह तरीका अल्पकालिक समस्या का समाधान प्रदान करता है परंतु दीर्घावधि में परिवारों के वित्तीय स्वास्थ्य को कमजोर करता है।

घरेलू कर्ज में यह बढ़ोतरी समग्र आर्थिक स्थिरता के लिए एक संकेत माना जा रहा है। आय और खर्च के बीच बढ़ती खाई से पता चलता है कि कई परिवार अपनी मौजूदा आय से अपने जीवनयापन का खर्च पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

अर्थशास्त्रियों का सुझाव है कि सरकार और वित्तीय संस्थानों को घरेलू कर्ज की इस बढ़ती प्रवृत्ति पर ध्यान देना चाहिए। वित्तीय साक्षरता बढ़ाने और सस्ते कर्ज विकल्पों को आसानी से सुलभ बनाने से इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।