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सोने की कीमत में 3% की उछाल, विशेषज्ञों में मतभेद
डॉलर की कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से सोने को समर्थन मिल रहा है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि महंगाई और ब्याज दर की अनिश्चितता के बीच यह तेजी लंबे समय तक टिकी रह सकेगी या नहीं, इस पर विभाजन है।
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सोने की कीमतों में तीन प्रतिशत की तेजी देखी जा रही है, जिससे निवेशकों का ध्यान इस कीमती धातु की ओर फिर से केंद्रित हो गया है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट इस वृद्धि के पीछे मुख्य कारण माने जा रहे हैं। ये कारक पारंपरिक रूप से सोने के लिए अनुकूल माने जाते हैं क्योंकि डॉलर कमजोर होने से विदेशी खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो जाता है।
हालांकि इस वर्तमान रैली को लेकर बाजार विश्लेषकों के विचार विभाजित हैं। कुछ विशेषज्ञों को विश्वास है कि यह तेजी आने वाले महीनों में जारी रह सकती है, विशेषकर अगर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है। दूसरी ओर, कई विश्लेषक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि महंगाई के दबाव और ब्याज दर नीति में होने वाले संभावित बदलाव सोने की कीमतों को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकते हैं।
एक तरफ वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता का माहौल है, जो निवेशकों को सुरक्षित संपत्ति की ओर धकेल रहा है, तो दूसरी तरफ बढ़ती ब्याज दरें सोने जैसी गैर-उपज देने वाली संपत्ति के लिए कम आकर्षक हो सकती हैं। इसी कारण बाजार सहभागी आने वाले समय में सोने की दिशा को लेकर सावधानीपूर्वक निगरानी कर रहे हैं।