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डेटा सेंटर विस्तार के बीच सरकार ने जल आपूर्ति को लेकर की आश्वस्त
केंद्रीय बजट 2025-26 में डेटा सेंटर कंपनियों को 2047 तक कर छूट दी गई है। सरकार ने इस तेजी से विकास के कारण जल संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंताओं को शांत किया है।
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भारत में डेटा सेंटर क्षेत्र के तेजी से विस्तार के बीच सरकार ने जल आपूर्ति संबंधी चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत संघीय बजट 2025-26 में डेटा सेंटर स्थापित करने वाली कंपनियों के लिए 2047 तक व्यापक कर सुविधाएं घोषित की गई हैं।
डेटा सेंटर बड़ी मात्रा में बिजली और ठंडे पानी की खपत करते हैं, जिससे जल संसाधनों पर दबाव बढ़ता है। इस तरह की सुविधाओं की संख्या में वृद्धि से पानी की कमी वाले क्षेत्रों में गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। हालांकि, सरकार ने माना है कि इस चिंता को संबोधित करने के लिए उचित नीति निर्माण आवश्यक है।
डेटा सेंटर उद्योग को प्रोत्साहित करने और देश में डिजिटल बुनियादी ढांचा मजबूत करने के लिए सरकार ने आर्थिक प्रोत्साहन की घोषणा की है। साथ ही, राष्ट्रीय स्तर पर जल संसाधन प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए भी समन्वित प्रयासों की जरूरत बताई जा रही है।
टेक क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा सेंटर बिजली की मांग को पूरा करने में भारत की ऊर्जा क्षमता के लिए एक परीक्षण साबित होंगे। पर्यावरणविद् जल संरक्षण और पुनर्चक्रण तकनीकों के विकास पर जोर दे रहे हैं ताकि इस तरह की परियोजनाओं के नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सके।